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गुरुवार, अप्रैल 22, 2010

होशंगाबाद में एक साहित्यिक आयोजन




साहित्य अकादेमी,मध्यप्रदेश द्वारा पिछले16-17 अप्रेल को होशंगाबाद में एक साहित्यिक आयोजन किया गया था. ये कार्यक्रम पंडित माखन लाल चतुर्वेदी की याद हुवा राष्ट्रीय सत्र की संघोष्टी का था.कार्यक्रम का शुभारम्भ साहित्य अकादेमी के नव-नियुक्त निदेशक डॉक्टर त्रिभुवन नाथ शुक्ल के उद्बोधन से हुवा.इस पूरे दो दिवसीय आयोजन मेंदेशभर के 14 बड़े विद्वानों ने हिस्सा लिया. चर्चा का विषय पंडित माखन लाल चतुर्वेदी की सांकृतिक चेतना और उनकी पत्रकारिता था.विषय पर सभी विद्वानों ने गहन रूप से विचार व्यक्त किये.

                                                                                                                                                                                           प्रतिभागी विद्वानों में डॉ.प्रेम भारती,डॉ.प्रेम शंकर डॉ. रघुवंशी,डॉ.के.जी..मिश्र,डॉ.जी.एस.चौहान,डॉ.एस.शर्मा,डॉ.एन.मिश्र,डॉ.मिथिला प्रसाद त्रिपाठी ,डॉ.श्रीराम परिहार,डॉ.विनोद निगम,डॉ.राजकुमार,डॉ.जे.रिचारिया,डॉ.आर.पी.सीठा,सहित श्री गिरीश पंकज थे.आयोजन में मैं स्वयं भी शामिल था. मुझे इन सभी को सुनने के साथ साथ अपनी बात कहने का अवसर मिला.कुल मिलाकर साहित्य का लम्बे समय बाद हुवा ये आयोजन था,ये पूरे रूप में सफल होने के साथ शहर में भी एक माहौल बनाने में सफल रहा।


विचारों के लिए मैं स्वयं स्टेज पर.



 
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