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गुरुवार, मई 27, 2010

कविता पर नए सिरे से बातचीत करता आयोजन ''काव्योत्सव ''

नमस्कार
इस आयोजन  की कवितायें  आप सभी के लिए तैयार है.रचनाकार के बहुत छोटे छोटे परिचय के साथ रचनाएँ तो पोस्ट होगी ही मगर किसी भी कविता को उस पर विचार विमर्श के साथ एक नए अवसर पर फिर से सार्थक बनाया जा सकता है,अगर आपको लगता है कि ये आयोजन हमारे इस आलम में कविता को साहित्य के इलाके में  फिर से प्रकाश में ला पायेगा, तो कृपया आगामी एक जून से ही अपनी माटी ब्लॉग पर रोजाना सुबह नौ बजे पोस्ट होने वाली रचनाओं पर निगाह जमा कर रखिएगा.


ब्लॉग्गिंग जगत के सभी साथियों  और पाठकों को अपनी माटी ब्लॉग के सभी सहयोगियों की तरफ से इस ऋतु की बहुत सी शुभकामनाएं,आज से हम ''काव्योत्सव'' आरम्भ कर रहें है.आशा करते हैं कि आपका पूरा पूरा सहयोग  मिलता रहेगा. हमें अभी तक मिली रचनाओं के लिए सबसे पहले आप सभी रचनाकारों  का बहुत सा आभार कि आपने इस आयोजन को सकारात्मक लेते हुए इसे आगे बढाया है.सभी प्राप्त रचनाओं को हम यहाँ अपनी माटी ब्लॉग पर एक जून से रोजाना एक रचना के हिसाब से छाप रहें  हैं.आशा करते हैं कि आप यहाँ पधारकर रचनाकारों की होंसला अफजाई करने हेतु उन्हें अपनी टिप्पणियों के बहाने याद करेंगे. या संबधित विषय पर अपने विचार रखकर माहौल  बनायेंगे. 


आभार 
अशोक जमनानी





 
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