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गुरुवार, मार्च 03, 2011

पाठक मंच

     साहित्य अकादमी म.प्र. की पाठक मंच योजना के अंतर्गत प्रत्येक माह किसी एक चयनित पुस्तक पर सम्पूर्ण म.प्र.में फैले लगभग साठ केन्द्रों पर चर्चा आयोजित की जाती है। मेरी कृति बूढ़ी डायरी का चयन भी इस योजना के अंतर्गत हुआ और सम्पूर्ण प्रदेश के पाठकों की राय एक साथ जानने का अवसर भी मिला। किसी भी लेखक के लिए यह जानना बहुत महत्वपूर्ण होता है कि पाठक उसके लेखन के बारे में क्या सोचते हैं। आज जब यह कहा जा रहा है कि हिन्दी साहित्य के पास पाठक नहीं हैं उस दौर में भी पाठकों की इतनी अधिक प्रतिक्रियाएं मुझे मिल रहीं हैं कि लगता है कि कहीं न कहीं साहित्यिक बिरादरी ने पाठकों के बारे में गलत राय कायम की है।
              पाठक मंच की इस योजना के अंतर्गत होने वाली चर्चाओं के क्रम में मेरे उपन्यास बूढ़ी डायरी पर मेरे शहर होशंगाबाद में भी 6मार्च को एक कार्यक्रम आयोजित किया गया है। पं. भवानी शंकर शर्मा के मुख्य आतिथ्य में होने वाले इस कार्यक्रम में आप भी सादर आमंत्रित हैं। 
 
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