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शनिवार, अप्रैल 28, 2012

रानी खानम और गंगा-जमुनी तहज़ीब


कथक नृत्य संभवतः भारतीय नृत्य परंपरा का सर्वाधिक जन प्रिय आयाम है और इसी नृत्य परंपरा ने इस देश को कई महान कलाकार दिए हैं जिनमे एक नाम सुप्रसिद्ध नृत्यांगना रानी खानम का भी है . कुछ माह पूर्व वो होशंगाबाद आयीं तो कार्यक्रम से पहले उन्होंने नर्मदा दर्शन कि इच्छा ज़ाहिर की . मैं उन्हें लेकर जब नर्मदा घाट पहुंचा तो उनकी दूसरी फरमाइश थी नर्मदा पूजन की . जिस श्रद्धा के साथ उन्होंने और उनकी छोटी सी बिटिया सारा ने नर्मदा पूजन किया वो दृश्य मेरे लिए अविस्मरणीय  बन गया जब मैंने पंडित जी को बताया कि हमारे ये मेहमान इस्लाम के अनुयायी हैं तो उन्होंने भी इन कलाकारों सह्रदयता  को नमन किया . इस देश की गंगा जमुनी तहजीब को नेताओं ने भाषणों में खूब भुनाया है पर उसे जीवन में उतारा है कला साधकों ने . शायद इसी विश्वास ने कभी बड़े गुलाम अली खां साहब से ये कहलवाया था कि अगर इस मुल्क के हर घर में एक बच्चे को शास्त्रीय संगीत सिखाया गया होता तो इस मुल्क का बंटवारा कभी नहीं होता .- 
अशोक जमनानी 


 
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