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मंगलवार, मई 01, 2012

आकाशवाणी,भोपाल


आकाशवाणी भोपाल द्वारा जनवरी माह में मेरी कहानी स्वेटर का प्रसारण किया गया तथा 30 मार्च को  मेरे उपन्यास छपाक-छपाक पर एक विस्तृत समीक्षा  प्रसारित की  गयी . उसी क्रम में मेरी नयी कहानी परक्कमावासिनी का प्रसारण 25 मई को शाम 6 बजे किया जायेगा. पाठकों से इतर श्रोताओं से जुड़ना एक भिन्न किन्तु सुखद अनुभव रहता है . आकाशवाणी भोपाल के हिंदी प्रभाग के निदेशक श्री साकेत अग्निहोत्री जिस स्नेह के साथ रिकार्डिंग करवाते हैं वो भी कम सुखद नहीं है . रिकार्डिंग से पहले वो मुझे एक कॉफ़ी पिलवाते हैं . मेरे लेखन के बारे में बात करते हैं और ढेर सारी नयी जानकारियां भी दे देते हैं . जहां एक ओर देश में हर एक व्यवस्था जड़ता का शिकार है वहीँ दूसरी ओर साकेत जी जैसे लोग भी हैं जो साहित्य और साहित्यकार दोनों को इतना सम्मान देते हैं  कि टूटता हुआ भरोसा जुड़ने की कोशिश करने लगता है.
 
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