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बुधवार, अगस्त 15, 2012

राजस्थान की यात्रा -3(रामसा पीर)


रामदेवरा  

 



खम्मा लेखन हेतु राजस्थान यात्रा - रामदेवरा

राजस्थान के लोक देवताओं में रामदेव जी का नाम अग्रगण्य है . वो हिन्दुओ के लिए अवतार हैं तो मुसलमानों के पीर भी हैं . भादों माह में लगने वाले रामदेवरा के मेले में पूरे देश से लोग आते हैं और श्रद्धा का आलम ये है कि आने वालों में अधिसंख्य पैदल ही आते हैं. जोधपुर के बाद तो २०० किलोमीटर की दूरी में शायद ही कोई स्थान ऐसा होगा जहां इस महीने में रामदेवरा जाने वाले पद यात्रियों का समूह दिखायी न दे . इस मंदिर में श्रद्धा का जो वातावरण था उसने मुझे बहुत प्रभावित किया . मंदिर के नगारची ने मुझे नगारा बजाने का आमंत्रण दिया तो मैं खुद को रोक नहीं पाया और मुझे लगा कि शायद रामसा पीर का आशीर्वाद मुझे मिल गया आखिर  मेरे राजस्थान आने का उद्देश्य यहाँ के संगीत और संगीतकारों की कहानी ही तो था . समय होता तो एक पूरा दिन वहां बिताता लेकिन मुझे आगे बढ़ना पड़ा क्योंकि कहानी को आगे बढ़ाना था .

- अशोक जमनानी         
 
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