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बुधवार, अगस्त 15, 2012

राजस्थान-यात्रा ४ - सनावड़ा-१-





राजस्थान-यात्रा ४ - सनावड़ा-१-

सनावड़ा वैसे तो पश्चिमी राजस्थान का एक आम गाँव ही है लेकिन इसकी एक खासियत है यहाँ मौजूद राजस्थानी लोक कलाकार - मांगनियारों के लगभग ४५ परिवार. किसी एक ही गाँव में सैकड़ो कलाकार एक साथ रहते हैं ये कल्पना भी दुर्लभ लगती है लेकिन सनावड़ा आइये यहाँ के ४५ परिवारों का हर शख्स कलाकार है - महिलाएं और बच्चे भी . मैं सनावड़ा पहुंचा तो पहली मुलाकात बच्चों से ही हुई पर तब एक अजनबी से मिलने का संकोच उनमे था. आगे बढ़ा तो झूला झूलती लड़कियां मिल गयीं बहुत दिनों बाद दिखाई दिए इस दृश्य ने रूह को बहुत सुकून पहुँचाया . गाँव के बारे में कल लिखूंगा हाँ वहां से विदा होने तक सारे  बच्चों से मेरी दोस्ती हो चुकी थी ढलते सूरज की मद्धम रौशनी में वो मेरे साथ फोटो खिंचवाने में जैसा उत्साह दिखा रहे थे उसने मेरे भीतर ढेर सारा उजाला भर दिया  आते वक़्त उन्होंने पुछा ' फिर कब आओगे' मैंने कोई जवाब नहीं दिया . कैसे बताता कि यहाँ मुझे  कहानी लिखने का मेरा स्वार्थ लाया है कहानी पूरी होने के बाद शायद यहाँ फिर न आ पाऊँ मैं शायद वहां दोबारा जा नहीं पाउँगा  लेकिन इस  बात का पूरा भरोसा है की  उनके  इस निश्छल स्नेह को मैं याद रखूँगा ............... जीवन भर .

- अशोक जमनानी          




 
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