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रविवार, मार्च 10, 2013

नीलकंठ जाग जाग

नीलकंठ जाग जाग

नीलकंठ जाग जाग
सर्व सर्व राग जाग
मन्त्र मूल धूर्जटे हे
तप अनंत त्याग जाग

विरक्त हे शुभांग जाग
मुक्त भ्रांत-भाव जाग
काल आदि काल अंत
काल महा काल जाग

अनहद दिक् दिक् दिगंत 
 नाद सृजनार्थ जाग 
शिव शिवा शिवत्व संग 
अखंड मंगलार्थ जाग 
 
 -अशोक जमनानी

 
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