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शनिवार, जून 22, 2013

अमृत वेलो





अमृत वेलो 

अमृत वेलो

अधिकांश मित्रों को पता नहीं था, कि मैंने सिंधी में भी कुछ लिखा है। ढेर सारी शिकायतों के साथ फ़र्माइश की गयी है कि अमृत वेलो की कोई कविता साझा करूँ। ... अमृत वेलो अर्थात अमृत वेला - भोर का वो समय जब हम अपने आराध्य का स्मरण करते हैं, लेकिन जिन्हें हर वक़्त कोई याद रहता है उनके लिए तो हर पल अमृत वेला है। इसी भावना में बसी इस कविता की प्रारम्भिक पंक्तियाँ सिंधी में और फ़िर एक हिस्से का हिंदी अनुवाद ...........

अमृत वेलो अमृत वेलो 
कुझु वक्तु आहे अमृत वेलो
गर दिल में शाद आ याद कोई
हर वक्तु रहियो अमृत वेलो
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अमृत-वेला - अमृत-वेला
कुछ वक़्त की है अमृत वेला
गर दिल में शाद है याद कोई
हर वक़्त हुआ अमृत वेला

कोई घर आला कोई दर आला
मंदिर मस्ज़िद गुरु घर आला
जो गली गई दिल के दर तक
उस गली की धूल भी है आला
अमृत-वेला - अमृत-वेला
है कदम कदम अमृत वेला
महबूब गली में गुज़रा वो
लम्हा लम्हा अमृत वेला

- अशोक जमनानी



 
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