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मंगलवार, दिसंबर 16, 2014

नर्मदा यात्रा : 14 : खरमेर- देवनाला



नर्मदा यात्रा : 14 : खरमेर- देवनाला






रमपुरी से खरमेर संगम तक चलें तो इस यात्रा में नर्मदा तट से कुछ दूरी पर दो बेहद खूबसूरत नज़ारे भी  क़ाबिले ज़िक्र हैं। पहला है देवनाला और दूसरी है खरमेर जो आगे चलकर नर्मदा में मिलती है। देवनाला एक पहाड़ी प्रवाह की छलांग का साक्षी है जो एक ऐसी गुफा के ठीक सामने गिरता है जिसका  विस्तार अपार है।  कहते हैं इस गुफा के दुसरे सिरे तक जाना असंभव है। वैसे इस खूबसूरत प्रपात से पहले देवनाला की धारा नर्मदा की तरह सौंदर्य समेटे चलती है और  सौंदर्य तो  खरमेर का भी कम नहीं है कहीं कहीं तो लगता है कि कहीं यह नर्मदा ही तो नहीं है ? घाटी में से गुजरती खरमेर को सुबह सुबह कोहरे की चादर लपेटे देखा तो देखता ही रह गया। आगे चलकर खरमेर नर्मदा में खो जाती है लेकिन यही इसकी सार्थकता है। देवनाला और खरमेर नर्मदा का-सा सौंदर्य लेकर चलते हैं पर खरमेर नर्मदा की दिशा में ही चलती है इसलिए स्वयं नर्मदा हो जाती है देवनाला नर्मदा से  उल्टी दिशा में बहता है शायद इसीलिए देव 'नाला' है  .......  .

- अशोक जमनानी             

 
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