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रविवार, दिसंबर 21, 2014

नर्मदा यात्रा : 19 : देवगाँव- बुढ़नेर संगम

नर्मदा यात्रा : 19 : देवगाँव- बुढ़नेर संगम   




 

देवगांव नर्मदा के दक्षिण तट पर है। बुढ़नेर  संगम के कारण इसका महत्व तो है ही साथ ही यह स्थान जमदग्नि ऋषि की तपस्थली होने के कारण भी नर्मदा तट के तीर्थों में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। नर्मदा तट पर तप का विशेष महत्व है। शास्त्र कहता है 'नर्मदा  तटे तपः कुर्यात '  लम्बे समय तक नर्मदा अरण्य वासिनी रही इसलिए तपोभूमि का गौरव नर्मदा के साथ जुड़ा। अब नर्मदा के तट नगर बसा रहे हैं और तप करना अब किस्से कहानियों में सिमट गया है। भविष्य कोई नहीं जानता पर अतीत से आती आवाज़ें जो किस्से सुनाती हैं उनमें तपस्वियों के तप को सफल करती एक नदी बहती है जिसे हम नर्मदा कहते हैं।

- अशोक जमनानी        
 
 
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