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सोमवार, दिसंबर 22, 2014

नर्मदा यात्रा : 20 : बकछेरा-अन्नकूट कुटी-किन्दरी


नर्मदा यात्रा : 20 : बकछेरा-अन्नकूट कुटी-किन्दरी  






नर्मदा के उत्तर तट पर ही हैं  बकछेरा और किन्दरी। दोनों बहुत छोटे गांव हैं पर बकछेरा में नर्मदा का प्रवाह एक लपेटा लगाता है और पश्चिम की ओर जाते-जाते कुछ दूरी तक पूर्व मुखी हो जाता है। इस पूर्वमुखी होते प्रवाह के पास ही निरंजनी अखाड़े के महाराज जी का एक सुन्दर आश्रम है  जिसका नाम है अन्नकूट कुटी। मैंने महाराज जी से पूछा कि अन्नकूट कुटी क्यों तो उन्होंने अद्भुत जवाब दिया। उन्होंने कहा कि जैसे दीवाली के बाद अन्नकूट के अवसर पर भगवान को छप्पन भोग चढ़ाते हैं वैसे ही वे चाहते हैं कि नर्मदा भक्तों को
छप्पन भोग खिलाएं। अभी वे छप्पन भोग तो नहीं खिला पाते लेकिन आश्रम में रुकने वाले यात्रियों को जो भोजन मिलता है उसमे कई पकवान शामिल रहते हैं। बहुत आग्रह के बावज़ूद मैं भोजन के लिए नहीं रुक पाया लेकिन फिर वहां गया तो ज़रूर रुकूंगा क्योंकि भगवान को छप्पन भोग चढ़ाने वाले तो बहुत हैं पर भक्तों को छप्पन भोग खिलाने वाले तो  वे शायद अकेले ही हैं  .......
- अशोक जमनानी

 

 

 
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