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मंगलवार, जनवरी 06, 2015

नर्मदा यात्रा : 36 : भेड़ाघाट

नर्मदा यात्रा : 36 : भेड़ाघाट








 भेड़ाघाट से पहले नर्मदा का प्रवाह जिस मंथर गति के साथ चलता है उसमें भेड़ाघाट पहुंचते ही अचानक गति आ  जाती है। यह परिवर्तन नर्मदा के चट्टानों के मध्य से गुजरते संकरे मार्ग के कारण होता है। संगमरमर की चट्टानों के पास नर्मदा का विख्यात धुआंधार जलप्रपात अद्भुत रूप से धवल निर्मलता का जो  मनमोहक दृश्य सृजित करता है उसके वर्णन में वाणी सदैव संकुचित हो उठती है। नर्मदा अपनी यात्रा में अनेक स्थानों पर चमत्कृत करती है लेकिन भेड़ाघाट उसके लौकिक सौंदर्य का संभवतः शीर्ष बिंदु है। यहाँ नर्मदा की धारा दुग्ध धवल है , निर्मल है, मुखर है, मुक्त है और साहस के अनूठे प्रतिमान रचती है  ....  यहाँ नर्मदा, नर्मदा है....     


- अशोक जमनानी
 
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